पार्टनर की मानसिक सेहत का कैसे रखें ख्याल? जानें सहारा बनने के 5 तरीके!

यार, रिश्ता ना, सिर्फ खुशियाँ और अच्छे पल शेयर करने का नाम नहीं है। बल्कि ये तो एक-दूसरे के मुश्किल टाइम में ढाल बनकर खड़े रहने का भी नाम है। कभी-कभी ना, हम देखते हैं कि हमारा हँसता-खेलता, बातूनी पार्टनर अचानक चुप और गुमसुम सा रहने लगता है। वो छोटी-छोटी बातों पर इरिटेट होने लगता है या फिर हर टाइम उदास रहता है। ये देखकर हमें टेंशन तो होती है, पर अक्सर समझ नहीं आता कि क्या करें, कैसे बात करें, कहीं हमारी किसी बात से वो और परेशान न हो जाएं।

अगर आप भी ऐसी ही किसी सिचुएशन से गुज़र रहे हो न, तो यकीन मानो आप अकेले नहीं हो। अपने पार्टनर को मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम्स जैसे डिप्रेशन या एंग्जायटी से जूझते देखना बहुत मुश्किल होता है। लेकिन आपका प्यार, आपकी समझ और सही सपोर्ट उनकी इस लड़ाई को बहुत आसान बना सकता है। ये लेख आपकी हेल्प के लिए ही है कि आप कैसे अपने पार्टनर का सबसे बड़ा सहारा बन सकते हो।

1. पहले समझो, फिर मदद करो (Understand First, Then Help)

सबसे पहला स्टेप क्या है पता है? ये समझना कि मानसिक बीमारी कोई कमज़ोरी या नखरा नहीं होती। ये बिलकुल वैसी ही एक मेडिकल कंडीशन है जैसी डायबिटीज या थायराइड। अपने पार्टनर को जज करने या उन्हें “मजबूत बनो” जैसी सलाह देने से पहले, उनकी सिचुएशन के बारे में थोड़ा जानने की कोशिश करो, यार।

जानकारी जुटाएं:

डिप्रेशन, एंग्जायटी या पैनिक अटैक क्या होते हैं, इसके बारे में ऑनलाइन पढ़ो। जब आप उनकी सिचुएशन को समझोगे, तो आप बेहतर तरीके से उनके साथ जुड़ पाओगे।

ये उनकी गलती नहीं है:

याद रखो, कोई भी इंसान जानबूझकर दुखी या चिंतित नहीं रहना चाहता। ये एक दिमागी केमिकल इम्बैलेंस या फिर मुश्किल एक्सपीरियंस का नतीजा हो सकता है।

2. क्या करें: सहारा बनने के 5 सही तरीके

जब कोई मेंटल पेन से गुज़र रहा हो न, तो उन्हें बड़े-बड़े लेक्चर्स की नहीं, बल्कि छोटे-छोटे हेल्पफुल कामों की ज़रूरत होती है।

सुनो, बस सुनो:

अक्सर हम तुरंत सॉल्यूशन देने की कोशिश करने लगते हैं। पर कभी-कभी आपके पार्टनर को बस इतना चाहिए होता है कि कोई उनकी बात बिना जज किए सुन ले। उनसे पूछो, “तुम कैसा फील कर रहे हो?” और फिर चुपचाप उनकी बात सुनते रहो।

सहानुभूति दिखाओ, सलाह मत दो:

“सब ठीक हो जाएगा” कहने की बजाय कहो, “मैं समझ सकता/सकती हूँ कि ये तुम्हारे लिए कितना मुश्किल है।” उनकी फीलिंग्स को एक्सेप्ट करना उन्हें अकेला फील करने से बचाता है।

छोटे-छोटे कामों में हेल्प करो:

मेंटल इलनेस में रोज़मर्रा के छोटे-छोटे काम भी पहाड़ जैसे लग सकते हैं। आप उनके लिए खाना बनाकर, घर की सफाई में हेल्प करके या उनके बिल्स जमा करके उनका बोझ हल्का कर सकते हो।

पेशेंस रखो (धैर्य):

मेंटल हेल्थ से रिकवर होने में टाइम लगता है, यार। कुछ दिन अच्छे होंगे, कुछ बुरे। उन पर जल्दी ठीक होने का प्रेशर मत डालो। आपका पेशेंस ही उनके लिए सबसे बड़ा गिफ्ट है।

उन्हें याद दिलाओ कि आप उनके साथ हो:

बस इतना कह देना कि “चाहे जो भी हो, मैं तुम्हारे साथ हूँ,” उन्हें बहुत हिम्मत दे सकता है। ये छोटा सा वाक्य बहुत पावरफुल है।

3. क्या बिलकुल न कहें: इन 4 बातों से बचें

कभी-कभी हम अच्छा करना चाहते हैं, पर हमारे वर्ड्स उल्टा असर कर जाते हैं। इन वाक्यों से हमेशा बचो:

  • “बस खुश रहने की कोशिश करो।”: ये उनकी फीलिंग्स को नकारता है। अगर खुश रहना इतना आसान होता, तो वो पहले से ही खुश होते, है ना?
  • “ये सब बस तुम्हारे दिमाग में है।”: ये सच है, पर ये उनके दर्द को कम नहीं करता। ये एक रियल इलनेस है, दोस्त।
  • “तुमसे ज़्यादा परेशान तो दूसरे लोग हैं।”: किसी और की बड़ी प्रॉब्लम आपके पार्टनर की प्रॉब्लम को छोटा नहीं बना देती। इससे उन्हें गिल्टी फील हो सकता है।
  • “इतना क्यों सोच रहे हो?”: एंग्जायटी और डिप्रेशन में नेगेटिव थॉट्स अपने आप आते हैं, ये कोई चॉइस नहीं होती।

4. प्रोफेशनल हेल्प के लिए कब और कैसे कहें

अगर आपको लगे कि सिचुएशन सीरियस हो रही है, आपके पार्टनर का खाना-पीना, नींद या काम इफेक्ट हो रहा है, तो प्रोफेशनल हेल्प लेना सबसे बेस्ट स्टेप है। पर इसके लिए बात कैसे करें?

इसे एक टीम एफर्ट बनाओ:

“तुम्हें डॉक्टर के पास जाना चाहिए” कहने की बजाय कहो, “शायद हमें किसी एक्सपर्ट से बात करनी चाहिए जो इसमें हमारी हेल्प कर सके।” ‘हम’ शब्द का यूज़ इसे एक टीम वर्क जैसा बनाता है।

हेल्प की पेशकश करो:

आप कह सकते हो, “अगर तुम चाहो, तो मैं तुम्हारे लिए एक अच्छा डॉक्टर ढूंढने में हेल्प कर सकता/सकती हूँ” या “मैं अपॉइंटमेंट के दिन तुम्हारे साथ चलूँगा/चलूँगी।”

कलंक को दूर करो:

उन्हें समझाओ कि जैसे हम बुखार के लिए डॉक्टर के पास जाते हैं, वैसे ही मेंटल हेल्थ के लिए थेरेपिस्ट या मनोचिकित्सक के पास जाना बिलकुल नॉर्मल और हिम्मत वाला काम है।

निष्कर्ष (कहानी का निचोड़!)

अपने पार्टनर के मेंटल हेल्थ को सपोर्ट करना एक लंबी और चैलेंजिंग जर्नी हो सकती है, पर ये आपके रिश्ते को पहले से कहीं ज़्यादा गहरा और मज़बूत बना सकती है। आपका प्यार और साथ उनके लिए सबसे बड़ी दवा है, बॉस।

और सबसे ज़रूरी बात – अपना भी ख्याल रखो। किसी की केयर करते हुए हम अक्सर खुद को भूल जाते हैं। अपनी फीलिंग्स को समझने और खुद को रीचार्ज करने के लिए टाइम निकालो। याद रखो, आप एक खाली कप से किसी को पानी नहीं पिला सकते।

एक-दूसरे का सहारा बनकर आप दोनों इस मुश्किल टाइम से बाहर निकल सकते हो। हेल्दी रिश्ते वही होते हैं जो धूप में ही नहीं, बल्कि आंधियों में भी एक-दूसरे का हाथ थामे रहते हैं। इस बारे में और जानने के लिए आप हमारा यह लेख स्वस्थ रिश्ते कैसे बनाएं और निभाएं पढ़ सकते हैं। यदि आपको या आपके साथी को तत्काल सहायता की आवश्यकता है, तो कृपया Vandrevala Foundation Helpline जैसी हेल्पलाइन से संपर्क करने में संकोच न करें।


अस्वीकरण (Disclaimer): ये लेख सिर्फ़ आपकी जानकारी के लिए लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से डॉक्टरी सलाह मत मानिएगा। किसी भी मानसिक स्वास्थ्य समस्या के इलाज के लिए, प्लीज़ किसी अच्छे मनोचिकित्सक (Psychiatrist) से ही मिलें।


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